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Janjatiya Mithak: Odia Aadivasiyon ki Kahaniyan (Translation)

Janjatiya Mithak: Odia Aadivasiyon ki Kahaniyan (Translation)

राजकमल प्रकाशन
हिंदी
Hardbound
Folk Tales
मंगलवार, 1 जनवरी 2008

पुस्तक का विवरण *

'जनजातीय मिथक: ओड़िया आदिवासियों की कहानियाँ', जिसका अनुवाद प्रसिद्ध लोकविद् निरंजन महावर द्वारा किया गया है, पाठकों को ओडिशा की विभिन्न जनजातियों की लगभग एक हज़ार लोककथाओं के अद्भुत संसार से परिचित कराती है। इस संग्रह में भतरा, बिंझवार, गदबा, गोंड, मुरिया, झोरिया, पेंगू, जुआंग, कमार, कोंड, परेंगा और साँवरा जैसी जनजातियों की कहानियों को सहेजा गया है। इन कहानियों के माध्यम से आदिवासियों के जीवन को उनके वास्तविक परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। निरंजन महावर का यह अनुवाद इन जनजातियों की जीवन-शैली, अर्थव्यवस्था, सामाजिक संगठन और उनके विश्वासों में व्याप्त गहरी समानताओं को रेखांकित करता है। पुस्तक यह रोचक तथ्य भी उजागर करती है कि इन समूहों के बीच की भिन्नताएँ उनके जातीय वैशिष्ट्य से अधिक उनके परिवेश और शिक्षा के प्रभाव का परिणाम हैं। इन कहानियों का क्रमवार और विषयवार संयोजन सामान्य पाठकों के लिए जहाँ ज्ञानवर्द्धक है, वहीं शोधकर्ताओं को भारतीय जनजातीय संस्कृति के अनछुए पहलुओं पर शोध के लिए एक नई ज़मीन मुहैया कराता है।

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