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लोकरंग छत्तीसगढ़

लोकरंग छत्तीसगढ़

राजकमल प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड
हिंदी
Hardbound
Art & Culture
बुधवार, 1 जनवरी 2014

पुस्तक का विवरण *

ISBN-10 ‏ : ‎ 8183616801

ISBN-13 ‏ : ‎ 978-8183616805


लोकरंग छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ क्षेत्र की विविध प्रदर्शन कलाओं पर केंद्रित एक प्रामाणिक विद्वतापूर्ण कृति है। यह पुस्तक राज्य के प्रमुख लोक नृत्यों, गीतों और पारंपरिक नाट्यकला का विस्तृत दस्तावेजीकरण करती है और उन्हें सामुदायिक जीवन के उत्सवपूर्ण "मंगलगान" (शुभ गीत) के रूप में प्रस्तुत करती है।


लेखक निरंजन महावर इस क्षेत्र की विशिष्ट पहचान को आकार देने वाले भौगोलिक, पर्यावरणीय और ऐतिहासिक कारकों का विश्लेषण करके इस क्षेत्र के सांस्कृतिक परिदृश्य का अन्वेषण करते हैं। इस कृति में दर्ज प्रमुख कला रूपों में निम्नलिखित रूप शामिल हैं:


  • नृत्य: सेइला, डंडा नाच और भोजली।

  • गीत: दादरिया और विभिन्न आदिवासी लोकगीत।

  • रंगमंच: पंडवानी और भतरा नाच.


यह पुस्तक लोक भाषाओं और जनजातीय बोलियों दोनों से गीतों और परंपराओं के सुंदर उदाहरणों को शामिल करने के लिए उल्लेखनीय है। इन गायन और प्रदर्शन परंपराओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करके, महावर पाठकों को छत्तीसगढ़ की जीवंत सांस्कृतिक विरासत की गहरी समझ प्रदान करते हैं।

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