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मचा: थिएटर ऑफ़ मालवा (सेंट्रल इंडिया)

मचा: थिएटर ऑफ़ मालवा (सेंट्रल इंडिया)

आयु प्रकाशन
अंग्रेज़ी
Hardbound
Performing Arts
गुरुवार, 1 जनवरी 2015

पुस्तक का विवरण *

ISBN-10 ‏ : ‎ 9788193019085

ISBN-13 ‏ : ‎ 978-8193019085


इस अनूठी किताब में, निरंजन महावर मालवा क्षेत्र के रंग-बिरंगे लोकनाट्य 'माच' (Mancha) का अंग्रेज़ी में किया गया पहला और गहन अध्ययन पेश करते हैं।

'नौटंकी' और 'स्वांग' की तरह ही, माच भी आध्यात्मिक 'भगत' शैली का हिस्सा है, लेकिन इसकी जड़ें सीधे तौर पर राजस्थानी 'ख्याल' परंपरा से जुड़ी हैं। महावर ने इसमें दिखाया है कि कैसे राजस्थान से उस्ताद और कलाकार उज्जैन आए। यहाँ आकर उन्होंने स्थानीय रंग-ढंग को अपनाया और थिएटर की एक नई, अनोखी पहचान बनाई—जिसे शुरू में 'ख्याल माच' के नाम से जाना गया।


यह किताब आज के दौर में भी इस कला की कामयाबी को दिखाती है। आज भी दर्जनों मंडलियां सक्रिय हैं और सौ से भी ज़्यादा नाटक ठेठ मालवी बोली में लिखे गए हैं। लेखक ने नाटककारों की भाषा पर अद्भुत पकड़ की भी तारीफ की है, जिनके नाटकों में अक्सर मारवाड़ी, उर्दू, गुजराती और हिंदी का सुंदर मेल देखने को मिलता है।

मध्य भारत के सांस्कृतिक जीवन में रची-बसी इस फलती-फूलती नाट्य कला के लिए यह किताब एक बहुत ही ज़रूरी दस्तावेज़ है।

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