

परफोर्मिंग आर्ट्स ऑफ़ छत्तीसगढ़
बनयान ट्री बुक्स, राजकमल प्रकाशन, दिल्ली
अंग्रेज़ी
Hardbound
Performing Arts
बुधवार, 1 जनवरी 2014
पुस्तक का विवरण *
ISBN-10 : 8190540181
ISBN-13 : 978-8190540186
अपनी किताब 'परफॉर्मिंग आर्ट्स ऑफ छत्तीसगढ़' में, निरंजन महावर आदिवासी गांवों के जीवंत और रंग-बिरंगे मंच को हमारे सामने लाते हैं। यह किताब 'देवाड़ पाटा' (Dewad Pata) जैसी परंपराओं को बहुत गहराई और बारीकी से दिखाती है। यहाँ नाच सिर्फ़ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि प्रेम-निवेदन (courtship) और समुदाय के मेल-जोल की एक अहम सामाजिक रस्म है। महावर इसमें 'मुद्दा पाटा' (Mudda Pata) का भी बहुत सुंदर वर्णन करते हैं। इस रस्म में लड़कियाँ सिक्कों के एक घेरे को गाँव के लड़कों से बचाती हैं। नाच और गानों के ज़रिए होने वाली यह मीठी नोंक-झोंक और खींचतान का माहौल बड़ा ही दिलचस्प होता है। यह किताब नाच-गाने के बाद के उन भावुक और निजी पलों को भी समेटती है—जैसे चावल की टोकरियों का उपहार देना और लड़कियों व 'चेलिकों' (कुंआरे लड़कों) के बीच होने वाली प्यारी, पारंपरिक बातचीत। यह काम केवल जानकारी का दस्तावेज़ भर नहीं है, बल्कि उन गीतों और रस्मों का गवाह है जो छत्तीसगढ़ के समाज की पहचान हैं। जो लोग यह समझना चाहते हैं कि आदिवासी दुनिया में संगीत और नृत्य ही उत्सव और आपसी जुड़ाव की असली भाषा हैं, उनके लिए यह किताब एक ज़रूरी मार्गदर्शक है।